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    दस फुट गहरे गड्ढे में दबाई थी महिला व दो मासूमों की लाश

    Posted by - Vijay Darpan Times


    मेरठ, विजय दर्पण टाइम्स।
    दौराला थाना क्षेत्र के जंगल में पहुंची दिल्ली पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर काली नदी के किनारे दबाई गईं महिला और दो मासूमों की लाश बरामद कर लीं। बताते चलें कि आरोपी ने पहले अपने पार्टनर के दो पुत्रों की हत्या करने के बाद उनके शव को दिल्ली में दफन कर दिया। इसके बाद सहारनपुर से पार्टनर की पत्नी और दो बच्चियों को लाने के बाद दौराला में गोली मारकर हत्या करने के बाद तीनों के शवों को अख्तयारपुर में काली नदी के किनारे दबा दिया था।
    बाद में उसने परिवार के मुखिया अपने पार्टनर की भी हत्या कर दी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया तो पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया। लाशों की बरामदगी के दौरान एकत्र हुए भीड़ ने विरोध करते हुए हत्यारोपियों पर हमले का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने भीड़ को लाठियां फटकार कर हटाते हुए आरोपियों को वापस भेज दिया। पुलिस तीनों शवों को साथ लेकर चली गई।
    यह है मामला
    दरअसल, मुजफ्फरनगर के बुराड़ी निवासी मुन्नवर हसन ने सहारनपुर निवासी सोनिया उर्फ इशरत से प्रेम विवाह किया था। मुन्नवर दिल्ली में गाजियाबाद के राजनगर के निवासी साहिब सैफी उर्फ बंटी के साथ प्रापर्टी का काम करता था। कुछ समय पूर्व मुन्नवर दुष्कर्म के एक मामले में जेल चला गया। इसी दौरान बंटी ने उसकी संपत्ति हड़पने की साजिश रच डाली।
    एक योजना के तहत बंटी ने मुन्नवर के दोनों बेटों को अपने पास बुलाकर उनका कत्ल कर दिया और उन्हें बुराड़ी स्थित एक परिचित के घर में दफना दिया। इसके बाद बंटी बीती 23 अप्रैल को सोनिया और उसकी दोनों पुत्रियों अर्शी और आरजू को मुन्नवर से मिलाने के बहाने सहारनपुर स्थित सोनिया के मायके से लेकर चला।
    रास्ते में बंटी ने मेरठ के समौली निवासी अपने साथी जुल्फिकार और जावेद के साथ दौराला क्षेत्र में सोनिया और उसकी पुत्रियों अर्शी व आरजू की गोली मारकर हत्या कर दी और शवों को जावेद के भाई वाहिद की मदद से अख्तयारपुर में काली नदी के किनारे गड्ढा करके दबा दिया। उधर, अपनी पत्नी के लापता होने के बाद मुन्नवर बेचैन हो गया। जिसके बाद बंटी ने हमदर्दी दिखाते हुए अपने पार्टनर मुन्नवर को पेरोल पर रिहा कराया और उसकी चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।
    बंटी ने पुलिस को गुमराह करते हुए मुन्नवर की हत्या का आरोप अज्ञात हत्यारों पर लगाते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन दिल्ली पुलिस शुरू से ही इस मामले में बंटी पर नजर रखे हुए थी। रविवार को दिल्ली पुलिस ने मेरठ के समौली गांव में छापा मारकर बंटी के साथी जुल्फिकार और जावेद को गिरफ्तार किया तो पूरे मामले से पर्दा उठ गया।
    वाहिद ने खोदा था दस फुट का गड्ढा
    पुलिस ने मुन्नवर के दोनों लड़कों के शवों को बुराड़ी स्थित घर में खुदाई कराने के बाद बरामद कर लिया। इसके बाद सोनिया और उसकी पुत्रियों की लाशों की बरामदगी के लिए सोमवार को मेरठ पहुंची।
    सोमवार को खुदाई का स्थान चिन्हित किए जाने के बाद मंगलवार को आरोपी बंटी और जुल्फिकार की मौजूदगी में पुलिस ने दौराला के अख्तयारपुर के जंगल में काली नदी के किनारे सुबह साढे नौ बजे से खुदाई शुरू कराई। मुख्य हत्यारोपी बंटी ने पुलिस को बताया कि शवों को ठिकाने लगाने की जिम्मेदारी जावेद के भाई वाहिद को सौंपी गई थी, उसी ने काली नदी के किनारे दस फुट का गड्ढा खोदा था। इसके बाद तीनों शवों को एक साथ दफन कर दिया गया था। करीब तीन घंटे की खुदाई के बाद एक के बाद तीनों शव सड़ी-गली हालत में बरामद हो गए। पुलिस ने शवों को सील करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं आरोपियों को लेकर वापस लौट गई।
    शव बरामद होते ही फूटा पब्लिक का गुस्सा
    मां के साथ दो मासूमों के शव बरामद होते ही मौके पर मौजूद सैकड़ो लोगों की भीड़ में आक्रोश फैल गया। हर कोई हत्यारोपियों को लानत भेजता नजर आया कि मासूमों की हत्या करते हुए उसके हाथ क्यों नहीं कांपे।
    इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने मार लो, ले लो कहते हुए शोर मचा दिया, जिस पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस ने सख्ती करते हुए लाठियां फटकार भीड़ को मौके से खदेड़ा और आनन-फानन में आरोपियों को मौके से निकाला।